
क्या है खुदा का निज़ाम ....
इसका जवाब मिलना मुश्किल है......
जब -जब किसी पर मुसीबत आती है तब -तब वह खुदा को याद करता है
इंसानी फितरत है दुख में खुदा को याद करना ... आज कल ये ज़्यादा चल रहा है क्यों ? इसका जवाब आपको रोज़ के अख़बार में या समाचार चैनलों पर ज़रूर मिल जाएगा..
आज दुनिया आर्थिक मंदी को झेल रही है और दुनिया वाले बेरोज़गारी को.....
न जोने कितने ऐसे परिवार है जहा कोई न कोई बेरोज़गार है....
कोई अपने गलत फैसले को कोस रहा है तो कोई कंपनी को ......
कोई अपने आप को कोस रहा है तो कोई खुदा से नाराज़ है .....
आखिर इस मंदी में खुदा भी क्या कर सकता है........
वो खुद यह सोच रहा है कि आखिर उसने दुनिया क्यों बनाई....?
खैर बेरोज़गारी के इस दौर में खुदा की इबादत करने वालों की मानों भीड़ सी लग गई है.. और किसी के पास कोई चारा भी तो नही...
बेरोज़गारी पर क्या लिखूं ....यह एक कड़वी सच्चाई है....
बेरोज़गारी ........
बेरोज़गारी ........
बेरोज़गारी ........
आखिर कब आएगी नौकरी की बहार.......?
इस प्रशन का उत्तर जल्द खोजना होगा......... वरना अंजाम ......?
इसका जवाब मिलना मुश्किल है......
जब -जब किसी पर मुसीबत आती है तब -तब वह खुदा को याद करता है
इंसानी फितरत है दुख में खुदा को याद करना ... आज कल ये ज़्यादा चल रहा है क्यों ? इसका जवाब आपको रोज़ के अख़बार में या समाचार चैनलों पर ज़रूर मिल जाएगा..
आज दुनिया आर्थिक मंदी को झेल रही है और दुनिया वाले बेरोज़गारी को.....
न जोने कितने ऐसे परिवार है जहा कोई न कोई बेरोज़गार है....
कोई अपने गलत फैसले को कोस रहा है तो कोई कंपनी को ......
कोई अपने आप को कोस रहा है तो कोई खुदा से नाराज़ है .....
आखिर इस मंदी में खुदा भी क्या कर सकता है........
वो खुद यह सोच रहा है कि आखिर उसने दुनिया क्यों बनाई....?
खैर बेरोज़गारी के इस दौर में खुदा की इबादत करने वालों की मानों भीड़ सी लग गई है.. और किसी के पास कोई चारा भी तो नही...
बेरोज़गारी पर क्या लिखूं ....यह एक कड़वी सच्चाई है....
बेरोज़गारी ........
बेरोज़गारी ........
बेरोज़गारी ........
आखिर कब आएगी नौकरी की बहार.......?
इस प्रशन का उत्तर जल्द खोजना होगा......... वरना अंजाम ......?

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